बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर घटना से दुखी लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान सबसे अधिक आक्रोश नगर निगम के खिलाफ देखने को मिला। यहां लोग निगम की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। निगम को लापरवाह भी बता रहे हैं। वही झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता नागेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि ‘गरीब का बच्चा नाले में गिरा था इसलिए इतना समय लगा, यदि किसी नामदार या जनप्रतिनिधि के बच्चे के साथ ऐसी घटना हुई होती तो क्या इतनी सुस्ती से काम होता।
घटना के बाद लोगों में आक्रोश देख उन्हें समझाने एसडीएम श्रीकांत विस्पुते, डीएसपी मुख्यालय नीरज कुमार सिंह, एसडीपीओ सदर जीतवाहन उरांव, बीडीओ गणेश रजक, थाना प्रभारी ज्ञान रंजन समेत कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान एसडीएम ने जमीन पर बैठकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। इससे पहले बच्चे की मां ने प्रशासन से गुहार लगाई थी।उल्लेखनीय है कि गत शनिवार को बारिश के बीच दो साल का मासूम नाले के तेज बहाव में बह गया था। घटना के बाद गांधी चौक में अफरा-तफरी का माहौल मच गया था। सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को खोजने का काम शुरू किया लेकिन बचाव टीम को बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच बच्चे की तलाश में जुटा बचाव दल, रात डेढ़ बजे तक खोजबीन करता रहा लेकिन फिर भी उन्हें कोई सफलता नहीं मिली, जिसके बाद बचाव दल की ओर से अभियान को रोक दिया गया। लोगों के गुस्से को देख फिर से अभियान शुरू किया गया और कई घंटे बाद बच्चे का शव बरामद किया गया।इस संबंध में एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने बताया कि नाले में बच्चा बह गया था। बच्चा मृत मिला है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।