कलेक्टर सरगुजा एवं जिला पंचायत सीईओ ने आज बुधवार काे मैनपाट क्षेत्र भ्रमण के दौरान इस ग्रामीण गार्बेज कैफे का अवलोकन किया और इसे प्रशंसनीय नवाचार बताया। उन्होंने संबंधित विभागों और भागीदारी संस्थाओं को इस मॉडल को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इस कैफे का संचालन कार्ब हट किचन, रोपाखार में किया जा रहा है। ग्रामीण या पर्यटक एक किलो साफ प्लास्टिक (जैसे सफेद प्लास्टिक, पानी की बोतल, एल्युमिनियम कैन, कांच की बोतल आदि) लाकर नाश्ता प्राप्त कर सकते हैं। दो किलो प्लास्टिक के बदले भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस नवाचार से न केवल स्वच्छता बढ़ेगी बल्कि प्लास्टिक अपशिष्ट का पुनः उपयोग भी संभव होगा।
इस योजना से जुड़ी स्वच्छताग्राही दीदियां गांव-गांव में सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य कर रही हैं। कलेक्टर ने दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों से यूज़र चार्ज नियमित रूप से भुगतान करने की अपील की, जिससे दीदियों की आजीविका मजबूत हो सके और योजना की सततता बनी रहे।