लंबी लड़ाई के बाद भूमिदाता के नाम हुआ विद्यालय का नाम

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बताया जाता है कि रामउग्रह सिंह कुशवाहा ने 1953 मे 28.5 कट्ठा जमीन खरीदकर उक्त स्कूल का स्थापना किया था। ज़ब स्कूल का वर्ष 1973 मे सरकारीकरण हुआ तो स्कूल के नाम से भूमिदाता का नाम गायब हो गया। उस समय भूमिदाता की मृत्यु हो चुकी थी। स्कूल मे अपने पिता का नाम जोड़वाने के लिए रामएकबाल सिंह ने लम्बी लड़ाई लड़ी। डीएम से लेकर सीएम तक का दरवाजा खटखटाया। इस कार्य मे भूमिदाता के प्रपौत्र शिक्षक मुकेश सिंह ने भी काफ़ी सहयोग दिया।

शिक्षक मुकेश 2005 से इस विद्यालय के हेडमास्टर रहे। बिहार सरकार के संकल्प 2023 के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरि ने विद्यालय का नाम बदलते हुए रामउग्रह सिंह कुशवाहा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय जयसिंहपुर रखा है। नाम बदलने की जानकारी डीईओ ने डीएम सहित शिक्षा विभाग के निदेशक को भेज दिया है। भूमिदाता के पुत्र राम एकबाल सिंह ने कहा कि मेरे पिता का नाम स्कूल मे जुड़ जाने से उनके परिवार मे बहुत ख़ुशी मिली है। उन्होंने सभी अधिकारियो को इसके लिए शुभकामना दी है।