राष्ट्रपति मुर्मु मंगलवार को यहां आयोजित भव्य समारोह में 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर रही थीं। इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 2023 का प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मशहूर अभिनेता मोहनलाल को प्रदान किया। राष्ट्रपति ने कहा कि मोहनलाल ने अपने अभिनय में भावनाओं के कोमलतम और कठोरतम रूपों को सहजता से अभिव्यक्त कर पूर्ण अभिनेता की पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि आजकल महिला केंद्रित फिल्मों का निर्माण हो रहा है और उन्हें सम्मान भी मिल रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पुरस्कार प्राप्त फिल्मों में माताओं द्वारा बच्चों को संस्कार देना, महिलाओं का सामाजिक रूढ़ियों के विरुद्ध खड़ा होना, परिवार और समाज की जटिलताओं में संघर्ष करती स्त्रियों की कहानियां और पितृसत्ता के खिलाफ साहसपूर्वक आवाज उठाने वाली महिलाओं के चित्रण शामिल हैं। राष्ट्रपति ने ऐसे संवेदनशील विषयों पर काम करने वाले फिल्मकारों की सराहना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा फिल्म उद्योग भारत का है, जो विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, “हमारे सिनेमा की जड़ें स्थानीय हैं, लेकिन इसकी पहचान राष्ट्रीय है।” जैसे भारतीय साहित्य अनेक भाषाओं में रचा जाता है, वैसे ही भारतीय सिनेमा भी विभिन्न भाषाओं, बोलियों और क्षेत्रों में विकसित हो रहा है।
समारोह में फिल्म उद्योग से जुड़े अनेक वरिष्ठ कलाकार, निर्देशक और रचनात्मक हस्तियां मौजूद रहीं। राष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और भारतीय सिनेमा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।