कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को जीएसटी और टीडीएस की नियमानुसार कटौती, रिटर्न फाइलिंग और लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निपटारे के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे समय-समय पर वित्तीय नियमों और शासन निर्देशों का अध्ययन करें, ताकि त्रुटिहीन, पारदर्शी और उत्तरदायी वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कहा कि जीएसटी और टीडीएस रिटर्न फाइलिंग तथा लंबित प्रकरणों के निपटारे में समयबद्धता और एकजुट कार्य आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, तकनीकी समस्याओं का समाधान तत्परता से करें। जिला कोषालय अधिकारी डी. पी. सोनी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बंद योजनाओं की अवशेष राशि को राज्य की संचित निधि में अंतरित किया जाए तथा जिले के समस्त शासकीय कर्मचारियों के ई-केवाईसी का कार्य 30 सितम्बर तक पूर्ण किया जाए।