मौके पर उप प्रशासक ने केंद्र की ओर से चयनित एजेंसी मेसर्स मेजिक्रेट के प्रतिनिधि को समस्याओं से अवगत कराते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका निर्माण मेजिक्रेट की ओर से किया गया है। इसमें प्रति आवास की लागत 13.29 लाख रुपये है, जिसमें केंद्र का अंशदान 5.5 लाख, राज्य का एक लाख और लाभुक का 6.79 लाख रुपये है। सात ब्लॉकों वाली इस परियोजना में कुल 1008 आवास बनाए गए हैं।
निगम स्तर से अब तक परियोजना में ड्रेनेज निर्माण पर 4.08 करोड़ रुपये, जलापूर्ति के लिए पीएचईडी को 92 लाख रुपये, वाटर फ्लो मीटर पर 90 हजार रुपये और जेबीवीएनएल को विद्युत संजोजन करने के लिए 1.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान सहायक प्रशासक, नगर प्रबंधक एवं पीएमएवाई शाखा के कर्मी मौजूद थे।