निगम के अनुसार इस विस्तार के दौरान योजना की सभी शर्तें पूर्ववत रहेंगी। हालांकि एक अक्टूबर से 31 दिसंबर के बीच भुगतान करने वालों को मूल कर राशि पर दो फीसदी विलंब शुल्क देना होगा।
एमसीडी ने जानकारी दी कि एक जून से शुरू हुई इस योजना में अब तक लगभग 1.16 लाख करदाताओं ने भाग लिया है, जिससे निगम को 370.27 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इनमें से 65,874 नए करदाताओं ने भी कर भुगतान किया, जिससे निगम को अतिरिक्त 187.8 करोड़ का लाभ हुआ।
नगर निगम ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाते हुए समय पर संपत्तिकर का भुगतान करें और विलंब शुल्क से बचें।