मंडलाः ग्राम सिमरिया में उल्टी-दस्त से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

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जानकारी मिलने पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए गांव पहुंची और परिवार तथा गांव के अन्य लोगों की जांच की। मौके पर बीएमओ डॉ. नीरज राज, एसडीएम हुनेन्द्र घोरमारे, पीएचई एसडीओ जोशी मौजूद रहे। फिलहाल यह सामने नहीं आया है कि डायरिया किस कारण फैला है।

मृतकों में मुन्ना केराम (48), नरवदिया केराम (68), देवीसिंह केराम (44) और 18 महीने का आदित्य (अमरसिंह केराम का पुत्र) शामिल हैं। सबसे पहले तीन दिन पूर्व आदित्य शामिल हैं। मृतक देवीसिंह की बेटी राजेश्वरी ने बताया कि गत आठ सितंबर को रिश्ते के छोटे भाई और 18 महीने की दोपहर तीन बजे आदित्य को उल्टी-दस्त हुए। शाम पांच बजे अचानक झटके आए और मौत हो गई। उस वक्त की मां खेत पर थी। इसके बाद 13 सितंबर को मेरे बड़े पापा मुन्ना केराम और दादी नरबदिया केराम को उल्टी दस्त हुए। दोनों को निजी अस्पताल में दिखाया, लेकिन असर नहीं हुआ। इसी दिन दोनों ने दम तोड़ दिया। इस दौरान पिता देवीसिंह केराम को भी उल्टी दस्त होने लगे। उन्हें बिछिया में भर्ती कराया गया था। रविवार को उनकी मौत हो गई।

गांव में कई लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। मृतकों के परिवार और गांव के लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में तुरंत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही, डायरिया को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। जानकारी मिलने पर रविवार को विधायक नारायण सिंह पट्टा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि खुले क्षेत्र का पानी पीना पड़ रहा है। शुद्ध पेयजल नहीं मिलने से संक्रमण हो रहा है।

बीएमओ डॉ. नीरज राज ने बताया कि घर में मौजूद मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए मंडला भेजे हैं। परिवार की रमकी बाई को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जांच के बाद ही कारण सामने आएगा। गांव के लोग कुएं का पानी पीते हैं। दूषित पानी भी कारण हो सकता है। एक हफ्ते तक टीम गांव में रहकर सर्वे करेगी।

सिमरिया गांव में पीएचई दल ने किया क्लोरिनेशन

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री मनोज भास्कर ने बताया कि जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पोषक ग्राम सिमरिया में रविवार को पीएचई विभाग द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सभी 14 पेयजल स्रोतों में जर्मेक्स एवं ब्लीचिंग पाउडर डालकर क्लोरिनेशन का कार्य किया गया। इनमें 7 हैंडपंप एवं 7 कुएं शामिल हैं। क्लोरिनेशन कार्य के साथ-साथ ग्रामीणों को पानी को छानकर उबालकर पीने के लिए समझाइश दी गई।