मगरलोड ब्लाॅक में कुपोषण बढ़ रहा, ध्यान देने की जरूरत

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष मगरलोड वीरेंद्र साहू थे। अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य मीना डेमू राम साहू, महिला एवं बाल विकास सभापति सरिता कश्यप, जनपद सदस्य द्वय राजेश साहू, हेमलता ध्रुव, जनप्रतिनिधि होरीलाल साहू, डेमुराम साहू उपस्थित थे। मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के बाद स्वागत उद्बोधन में जिला आयुर्वेद अधिकारी अवध पचौरी ने आयुर्वेद के महत्व एवं कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। परियोजना अधिकारी सुमीत गंडेचा ने बताया कि मगरलोड में कुपोषण की दर अधिक है, जिसे ध्यान देना आवश्यक है। अतिथियों के द्वारा अधिकारों के स्वरूप तीन बच्चों को स्वर्ण प्राशन पिलाकर आयुर्वेदिक पौष्टिक लड्डू एवं पोषण पाउडर का वितरण किया गया। साथ ही तीन सुपोषित बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।

जनपद अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य विकास की पहली सीढ़ी है। बच्चों के जन्म के पांच साल तक उसके स्वास्थ्य पर उचित ध्यान दिए जाने से हमारे आने वाली पीढ़ी स्वस्थ एवं सुपोषित होगी, जिससे स्वस्थ समाज का निर्माण होगा।जिला पंचायत सदस्य मीना डेमूराम साहू ने कहा कि माताओं को बच्चों के साथ-साथ अपने सुपोषण पर भी ध्यान देना आवश्यक है, जिससे वह पूरे परिवार का ध्यान रख सकती हैं। उक्त शिविर में 117 बच्चों को स्वर्ण प्राशन पिलाया गया। साथ ही कुपोषित बच्चों को बाल संदर्भ योजना अंतर्गत पोषण पाउडर एवं आयुर्वेद विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से दवाइयां वितरित की गई। शिविर में 117 बच्चों सहित कुल 241 जनसामान्य लाभान्वित हुए। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार की थीम पर आयोजित शिविर का संचालन डा खिलेंद्र साहू एवं पर्यवेक्षक श्रद्धा गौतम ने किया। आभार प्रदर्शन आयुर्वेद अधिकारी हेमन साहू ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पर्यवेक्षक लोमश तारम, पद्मिनी बंजारे, सुनीता सोनी, झामिन बिंझेकर, ओमप्रकाश नाग, डोमार बिंझेकर एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।