अब करण जौहर ने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया

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उच्च न्यायालय ने अभिषेक बच्चन की याचिका पर सनवाई करते हुए कहा था कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व से संबंधित किसी भी प्रतीक का इस्तेमाल उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है और इससे उसकी गरिमा के साथ जीने के अधिकार भी प्रभावित होते हैं। उच्च न्यायालय ने संबंधित यूआरएल (वेबलिंक) को हटाने का निर्देश दिया था जो बिना अनुमति के अभिषेक बच्चन के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल कर रहे थे। अदालत ने कहा था कि एआई और डीपफेक जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर उनके नाम और छवि का गलत उपयोग कर न केवल आर्थिक रुप से नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि उनकी प्रतिष्ठा, गरिमा और सद्भावना को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

इसके पहले उच्च न्यायालय ने अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के व्यक्तित्व से जुड़े प्रतीक और कंटेंट को बिना अनुमति इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी। ऐश्वर्या राय की याचिका में कहा गया था कि ऐश्वर्या नेशन वेल्थ नामक एक फर्म ऐश्वर्या राय की तस्वीर का इस्तेमाल अपने लेटरहेड में चेयरपर्सन के रुप में करती है, जबकि ऐश्वर्या राय को इसके बारे में पहले से कोई जानकारी भी नहीं है। ऐसा करना पूरे तरीके से फर्जीवाड़ा है। याचिका में उन वेबसाइट और ऐप का जिक्र किया गया था, जो उनके नाम का इस्तेमाल करते पाए गए हैं।