सशक्त नारी से ही सशक्त परिवार और समाज का निर्माण संभव : उपायुक्त

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पोषण अभियान के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में कमी सीधे तौर पर देश की उत्पादकता, शिक्षा और विकास को प्रभावित करती है। इसी संदर्भ में सरकार द्वारा पोषण अभियान 2.0 की शुरुआत की गई है। यह एक समेकित पोषण समर्थन कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य है माताओं, बच्चों और किशोरियों को संतुलित पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराकर कुपोषण के दुष्चक्र को तोड़ना है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस अशोक शर्मा ने इस अवसर पर नवजात बच्चों के स्तनपान के महत्व पर जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल में केवल 40 प्रतिशत महिलाएं ही 2 वर्ष तक अपने बच्चे को स्तनपान करवाती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे के विकास के लिए स्तनपान महत्वपूर्ण है, इससे बच्चों को कुपोषण से बचाने में सहायता मिलती है।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. राजेश सूद ने टीबी मुक्त अभियान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान जन-भागीदारी पर आधारित है तथा समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।