बलरामपुर : राजस्व प्रकरणों, जनशिकायत एवं पीजी पोर्टल के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने दिए निर्देश

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कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की विकासखंडवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवास निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए आवास निर्माण में तेजी लाएं। कलेक्टर ने कहा कि जिन विकासखंडों में आवास निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी है, वहां लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में उन्होंने लोक सेवा केन्द्र, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, भू-अर्जन प्रकरणों, राजस्व अभिलेखों तथा लंबित राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राजस्व संबंधी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम जनदर्शन, जनशिकायत, पीजी पोर्टल, ई-समाधान, जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण सहित न्यायालयीन प्रकरणों का समय-सीमा में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक लंबित प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग कर आमजन से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर कटारा ने आरबीसी 6-4 के अंतर्गत स्वीकृत राशि के वितरण के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि शासन के मंशानुरूप पीड़ित और प्रभावित लोगों को राशि का लाभ समय पर देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को जानकारी दे कि प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं, अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में आरबीसी के माध्यम से प्रभावित परिवारों को राहत राशि दी जाती है। जिसके अंतर्गत पारदर्शिता सुनिश्चित करने लाभर्थी के बैंक खाते में सीधे आरटीजीएस के माध्यम से राशि जारी होती है।

कलेक्टर कटारा ने यूरिया खाद की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद, सहकारी समितियों के माध्यम से पारदर्शी तरीके से वितरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर ही यूरिया उपलब्ध कराया जाए साथ ही किसी भी प्रकार की अवैध भण्डारण पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने एनआरसी संचालन की स्थिति की जानकारी लेकर सुचारू रूप से संचालित करने आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने एनआरसी में भर्ती बच्चों की स्थिति, उपलब्ध कराए जा रहे पोषण आहार, दवाइयों एवं चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान करें और उन्हें तुरंत एनआरसी में भर्ती कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। साथ ही बच्चों को एनआरसी से डिस्चार्ज मिलने के बाद भी लगातार फॉलोअप लेते रहे ताकि पुनः कुपोषण की स्थिति न बने।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर आर. एस. लाल, अभिषेक गुप्ता, सर्व अनुविभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।