इंदौर के मूक बधिर प्रशिक्षक ज्ञानेंद्र पुरोहित ने पाकिस्तान से भारत आई मूक बधिर गीता को मानसिक अवसाद से बाहर निकालने और उसके माता-पिता से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई थी। विवि के भारतीय भाषा प्रकोष्ठ एवं मनोविकास विशेष शिक्षा महाविद्यालय, उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में उक्त आयोजन हुआ। विशेष अतिथि सांकेतिक भाषा की मास्टर ट्रेनर प्रियंका साहू तथा मनोविकास विशेष शिक्षा महाविद्यालय के निदेशक फादर टॉम जॉर्ज थे।
इस अवसर पर ज्ञानेंद्र पुरोहित की डॉक्यूमेंट्री खामोशी की गूंज का प्रदर्शन किया गया। प्रियंका साहू ने सांकेतिक भाषा में अपना परिचय और वक्तव्य प्रस्तुत किया। प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो. गीता नायक ने स्वागत भाषण दिया।
भारत यात्रा अंतर्गत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। संचालन गोविंद छाबरवाल तथा छात्रा महक नेमा ने किया। आभार हिमांगी पार्शल ने माना।