प्रबुद्धजनों संग संवाद, किसानों के सुझावों से बनेगा विकसित यूपी का रोडमैप

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पूर्व आईपीएस प्रशांत कुमार ने कहा कि देश को 2047 तक विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करने में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि ‘‘समय के साथ टेक्नोलॉजी को अपनाना मानव विकास का मूल मंत्र है।’’ उन्होंने बेहतर कानून व्यवस्था और नवाचारों को विकास की कुंजी बताया।

नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव सहकारिता विभाग सौरभ बाबू ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी में 25 फीसदी वृद्धि हुई है। लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश 6 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बने। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन के साथ प्रोडक्टिविटी भी बढ़ाने पर नीति तैयार की जा रही है।

आईवीआरआई के पूर्व निदेशक अशोक कुमार वर्मा ने पशुओं के लिए बीमा कवर और किसानों को वाजिब दाम दिलाने की व्यवस्था का सुझाव दिया। निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि 2047 तक विभिन्न बीमारियों की वैक्सीन विकसित करना संस्थान का लक्ष्य है।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि ‘‘विश्व गुरु के रूप में खोया हुआ यश पाने के लिए हर नागरिक को अपनी कर्म आहुति देनी होगी।’’ उन्होंने किसानों को व्यवसायिक खेती अपनाने की सलाह दी और कहा कि हर घर से एक सुझाव ऑनलाइन पोर्टल पर अवश्य आए।

किसानों ने गांवों में संसाधनों की उपलब्धता, गन्ना मूल्य भुगतान के सख्त कानून, मौसम पूर्वानुमान उपकरण और ड्रैगन फ्रूट जैसी नई फसलों को बढ़ावा देने की बात रखी।

कार्यक्रम में एडीजी रमित शर्मा, आईजी अजय कुमार साहनी, सीडीओ देवयानी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।