बता दें कि इससे पूर्व मुख्यमंत्री मोहन यादव जिले में चार बार और भ्रमण कर चुके हैं, उनकी वह यात्रायें धार्मिक और समाजिक यात्रा के तौर पर रहीं। पांच माह पूर्व धार्मिक यात्रा के तौर पर 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की धार्मिक यात्रा के दौरान उनका आगमन आनन्दपुर हुआ था। इससे पूर्व 19 मार्च को रंग पंचमी के अवसर पर करीला धाम में आयोजित होने वाले मेले में मां जानकी के दर्शन करने उनका आगमन हुआ था, जहां सीढ़ी धसक जाने से वह सीढ़ी से गिर गए थे। फिर उनका आगमन धार्मिक यात्रा के तहत 26 अगस्त 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर चंदेरी में हुआ था। तथा पहली बार भी वह 28 मार्च 2024 में जिले के ईसागढ़ में यादव समाज के सम्मेलन को संबोधित करने आए हुए थे।
अब तक उनकी जिले में जितनी भी यात्रायें रहीं वह धार्मिक और समाजिक यात्राओं के रूप में रहीं। उनकी इन यात्राओं से जिले को अब तक कोई विकास की बढ़ी सौगात हासिल नहीं हो सकी। वहीं इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.यागेश मिश्रा का कहना है कि मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जो चंदेरी आगमन पर जो चंदेरी को पर्यटन केन्द्र की घोषणा की थी, वह अब तक अमल नहीं हो सकी।
दर मध्यप्रदेश के जो भी मुख्यमंत्री रहे हों वे अशोकनगर आने से बचते रहे हैं, जिले में आगमन तो होता है, पर जिला मुख्यालय अशोकनगर की छाया से ही कुर्सी चले जाने के डर से मुख्यमंत्री बचते रहे हैं। मुख्यमंत्रियों के यहां न आने के कारण जिले का विकास अवरुद्ध बना हुआ है। जबकि बीते 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री आनन्दपुर आगमन पर कह चुके हैं कि इस क्षेत्र को कला, संस्कृति और प्रकृति का वरदान है, यहां विकास और विरासत की अपार संभावनायें हैं, और विकास की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश सरकार की है। पर इतना कुछ कहने के बावजूद मुख्यमंत्री का जिले में केवल धार्मिक और समाजिक यात्राओं के रूप में आगमन होना और अशोकनगर से दूरियां बनाना आम नागरिकों को मायूस तो करता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव कब-कब आए जिले में
20 सितम्बर 2025: स्व.रघुवीर सिंह यादव की प्रतिमा अनावरण (सामाजिक यात्रा)
11 अप्रैल 2025: श्री आनन्दपुर (धार्मिक
यात्रा)
19 मार्च 2025: करीला धाम (धार्मिक
यात्रा)
26 अगस्त 2024: कृष्ण जन्माष्टमी पर चंदेरी (धार्मिक
यात्रा)
28 मार्च 2024 ईसागढ़ (सामाजिक यात्रा)