हड़ताल के दौरान विभिन्न स्तरों से बार-बार नोटिस जारी कर कर्मचारियों को कार्य पर लौटने के लिए कहा गया। इसके बावजूद भी अधिकारी एवं कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, जिससे अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं और मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि सचिव, स्वास्थ्य विभाग अमित कटारिया ने 29 अगस्त को एक आदेश जारी कर सभी को काम पर वापस लौटने के निर्देश दिए थे। आदेश का पालन न करने की स्थिति में उन्हें सेवा से पृथक किए जाने का उल्लेख भी आदेश में निहित था। इसके बाद भी काम पर वापस नहीं लौटना आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है।
शासन का स्पष्ट मत है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही या बाधा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। लोकहित को दरकिनार कर की गई यह हड़ताल नियम विरुद्ध आचरण की श्रेणी में आती है और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित करने वाली रही है।
फलस्वरूप, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार काे आंदोलनरत 25 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, शेष प्रकरणों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।