विश्वविद्यालय के विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अशोक मक्कड़ ने शनिवार को चयनित छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि सोना की यह सफलता हमारे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। उनका यह चयन आने वाली पीढिय़ों को न्यायिक सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रेरित करेगा। उन्होंने बताया कि सोना विद्यार्थी जीवन में सदैव उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं। वह विश्वविद्यालय की गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं और विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभाग और विश्वविद्यालय का नाम बार-बार रोशन कर चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि सोना रापडिय़ा की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सतत परिश्रम, धैर्य और मार्गदर्शन से असंभव को भी संभव किया जा सकता है। यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी। उनकी यह सफलता न केवल विधि विभाग बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गौरव का क्षण है। यह उपलब्धि भविष्य में अन्य विद्यार्थियों को न्यायिक सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करेगी। उल्लेखनीय है कि सोना रापडिय़ा के पिता सुंदर सिंह सेवानिवृत्त प्रिंसिपल हैं और माता दर्शना देवी गृहिणी हैं।