बता दें कि निरीक्षण के दौरान एडीजी ने सबसे पहले थाने के सीसीटीएनएस कार्यालय का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी डेटा समय पर और सही तरीके से दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने सीसीटीएनएस ऑपरेटर से काम की जानकारी ली और सिस्टम के सुचारू संचालन पर जोर दिया। एडीजी ने थाने की हवालात का भी सावधानीपूर्वक निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों की सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन और पानी की व्यवस्था का अवलोकन किया। साथ ही, हवालात रजिस्टर की जांच कर यह सुनिश्चित किया कि सभी नियमों का पालन किया जा रहा है और किसी भी तरह की कोई लापरवाही न हो। थाने में रखे गए विभिन्न अभिलेखों, जिनमें एफआईआर रजिस्टर, डायरी, और विभिन्न प्रकार की शिकायतों के रिकॉर्ड शामिल हैं, की एडीजी ने बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने देखा कि क्या सभी दस्तावेज व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से रखे गए हैं और कहीं कोई कमी तो नहीं है। एडीजी ने थाना प्रभारी और मौजूद कर्मियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में अपराधों की स्थिति, विशेष रूप से संगठित अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर चर्चा की। उन्होंने अपराध दर को कम करने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपने निरीक्षण के बाद, एडीजी आलोक कुमार ने थाना पुलिस कर्मियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का निस्तारण त्वरित और निष्पक्ष तरीके से किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थाने के सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और स्वयं को जवाबदेह ठहराने के निर्देश दिए गए। एडीजी ने पुलिस कर्मियों से कहा कि वे जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाएं और उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर रहें। सीसीटीएनएस जैसी आधुनिक तकनीक का पूरा लाभ उठाकर अपराध नियंत्रण और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने को कहा।