आपदा ने गंगोत्री की यात्रा से अपनी आजीविका चलाने वाले हजारों लोगों को बेरोजगार कर दिया है। पतित पावनी मां गंगा की नगरी गंगोत्री धाम में कभी मंदिर, दुकानों, होटलों, आश्रमों में हजारों श्रद्धालुओं की चहलकदमी से गुलजार रहते हैं वहां इन दिनों मात्र कुछ तीर्थ पुरोहित, साधु संत दिखाई दे रहे हैं।
बता दें कि पांच अगस्त को आपदा में गंगोत्री धाम के मुख्य पड़ाव धराली में तबाह हो गया था। इस आपदा में दर्जनों लोग लापता हो गये है। जबकि, गंगोत्री हाईवे कम से कम 19 स्थानों पर अवरूद्ध हो गई तीन स्थानों पर हाईवे वाश आउट हो गई वहीं लिम्चा गाड़ से एक 30 मीटर का पुल बहा ले गया है। जिससे धाम की यात्रा ठप्प हो गई है।