बताया जा रहा है कि परी उरांव प्राथमिक विद्यालय होंदपीड़ी में पहली कक्षा और अंजलीका कुजूर में तीसरी कक्षा में पढ़ती थी जबकि बसमती उरांव मध्य विद्यालय कुल्लु में छठी कक्षा की छात्रा थी। बसमती उरांव अपने स्कूल से छुट्टी होने के बाद होंदपीड़ी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले अपने भाई रामा उरांव को लेकर घर जा रही थी। उन्हीं के साथ ही परी उरांव और अंजलीका कुजूर भी घर जा रहे थे। इसी क्रम में स्कूल के समीप ही आकाशीय बिजली गिरी और बसमती उरांव, परी उरांव और अंजलीका कुजूर की मौके पर ही मौत हो गई। आनन फानन में उन्हें मांडर स्थित मिशन अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।