‘पॉकेट एफएम’ पर भारतीय महिला आइस हॉकी टीम की अद्भुत कहानी है ‘साउंड ऑफ करेज’

Share

लद्दाख की जमी हुई झीलों से अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक का सफर आसान नहीं था। परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ जाना, समाज के ताने झेलना और “मर्दों का खेल” कहे जाने वाले आइस हॉकी में अपना स्थान बनाना मुश्किल था, लेकिन इन सबके बीच टीम ने कभी हार नहीं मानी। इन खिलाड़ियों ने एशिया कप में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। टीम की कप्तान त्सेवांग चुस्कित ने कहा, “जीत, दृढ़ संकल्प से जन्म लेती है। हमारे सफर में कई शंकाएं थीं, लेकिन हमने अपने भीतर की आवाज़ सुनी और उस पर भरोसा किया। यही ‘साउंड ऑफ करेज’ का सार है — खुद पर विश्वास करने से सब कुछ बदल सकता है।”

आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव और आईआईएचएफ एशिया कमेटी के सदस्य हरजिंदर सिंह ‘जिंदी’ ने कहा, “यह मेडल सिर्फ खेल की जीत नहीं है, बल्कि हौसले और सपनों की जीत है। हमने बाधाओं को तोड़ते हुए यह साबित किया कि जुनून की कोई सीमा नहीं होती।”

पॉकेट एफएम के एसवीपी एवं हेड ऑफ ब्रांड मार्केटिंग, कम्युनिकेशन और पार्टनरशिप्स विनीत सिंह ने कहा, “नकारात्मकता के दौर में हम ऐसी कहानियां सामने लाना चाहते हैं जो प्रेरणा दें। ‘साउंड ऑफ करेज’ हर उस व्यक्ति को सलाम है जिसने हालात के खिलाफ लड़ाई लड़ी है।”

पद्मश्री मोरुप नामग्याल की आवाज़ से सजी यह फिल्म, केवल आइस हॉकी की कहानी नहीं, बल्कि हर उस भारतीय महिला का प्रतीक है, जिसने अपनी राह खुद चुनी। इसे पॉकेट एंटरटेनमेंट की इन-हाउस क्रिएटिव टीम ने कॉन्सेप्ट से प्रोडक्शन तक तैयार किया है और ब्लैक एंड वाइट फिल्म्स के सहयोग से निर्मित किया गया है।