याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डॉ. अभिनव शर्मा ने बताया कि साल 2009 में आईओसीएल के फ्यूल ऑयल स्टोरेज प्लांट में सात दिन तक लगी आग में 12 लोगों की मौत हुई थी। राज्य सरकार की जांच कमेटी ने 2011 की रिपोर्ट में माना था कि आईओसीएल के सीतापुरा स्थित घरेलू गैस के बॉटलिंग प्लांट को जगतपुरा व सीतापुरा में आबादी विस्तार को देखते हुए शहर से बाहर भेजना चाहिए। इस प्लांट में जामनगर लूणी गैस पाइप लाइन से एलपीजी उच्च दबाव पर सप्लाई होती है, जो सामने के रीको औद्योगिक क्षेत्र के नीचे से आती है। इसके ऊपर ही कई बडे अस्पताल, कॉलेज और फार्मेसी कौंसिल सहित अनेक शैक्षणिक संस्थान बन गए हैं। इसलिए बॉटलिंग प्लांट को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए।