स्कूल की जर्जर हालत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, प्रशासन को घेराव की चेतावनी

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ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्यालय में कुल 478 छात्र अध्ययनरत हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय में मात्र तीन कक्ष हैं, जिनमें दो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जबकि एकमात्र हॉल में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। भीड़ का आलम यह है कि एक कमरे में सौ से ज्यादा बच्चों को समेटना पड़ता है। इस विद्यालय परिसर में दानियाल प्रसौना पंचायत के सुगर छाप स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय को भी मर्ज कर दिया गया है।

मर्ज किए जाने के बाद कुल छात्र संख्या 478 हो गई है, जिनमें 203 छात्र मूल विद्यालय के तथा 275 छात्र मर्ज विद्यालय से हैं। इतने छात्रों के लिए मात्र 11 शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन में विशाल मिश्रा,अनूप कुमार,डब्लू शाह,वीरेंद्र शर्मा, भवाली राम, दिनेश शाह,अमित पाठक,चन्द्रिका राम,झुनझुन मिश्रा समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए। इन लोगों ने बताया कि जर्जर विद्यालय भवन किसी भी समय हादसे को न्योता दे सकता है। कई बार प्रशासन से लिखित और मौखिक रूप से भवन निर्माण की मांग की जा चुकी है।

यहां तक कि विद्यालय भवन की तस्वीरें बीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक ट्विटर पर भेजी गईं, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस पूरे मामले पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीष कर ने कहा कि उन्हें विद्यालय की स्थिति की जानकारी है। उन्होंने संबंधित रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी है और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया है। ग्रामीणों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के हित में अविलंब नया विद्यालय भवन बनवाया जाए