प्रधानमंत्री और आरएसएस पर कार्टून विवाद मामले में आरोपित हेमंत मालवीय को दस दिन में माफीनामा देने का आदेश

Share

सुनवाई के दौरान मालवीय के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता अपना माफीनामा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड करेगा। कोर्ट ने हेमंत मालवीय के अपना माफीनामा दस दिनों के अंदर सोशल मीडिया पर अपलोड करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पेश एएसजी केएम नटराज ने कहा कि हेमंत मालवीय ने जो पोस्ट डाला था वो डिलीट नहीं करें क्योंकि जांच अभी चल रही है।

मालवीय ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 3 जुलाई को अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि ये अभिव्यक्ति की आजादी का घोर दुरुपयोग है। सुनवाई के दौरान मालवीय की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट से कहा था कि मालवीय का कार्टून 2021 का कोरोना के समय का है। उन्होंने कहा था कि उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अर्नेश कुमार और इमरान प्रतापगढ़ी वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले लागू नहीं होंगे। ग्रोवर ने कहा था कि उच्च न्यायालय ने कार्टूनिस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि इस अपराध के तहत भारतीय न्याय संहिता में अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है।

मालवीय के खिलाफ इंदौर के लसूड़िया पुलिस थाने में आरएसएस के स्थानीय कार्यकर्ता और वकील विनय जोशी ने एफआईआर दर्ज करवायी थी। एफआईआर में मालवीय के खिलाफ हिन्दूओं की भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।