घोष पथ संचलन: चर-अचर जगत की संवेदनाओं को प्रभावित करता है संगीत- बाबूलाल

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इस अवसर पर तोपखाना संघस्थान से, पांच बत्ती, एम आई रोड, अजमेरी गेट, न्यू गेट होते हुए रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल तक घोष पथ संचलन निकाला। घोष वाद्य यंत्रों की स्वरलहरियों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए पथ संचलन अल्बर्ट हॉल पहुंचा।

ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रसिद्ध संगीतज्ञ व सात्विक वीणा के जनक पंडित सलिल विश्वमोहन भट्ट, जयपुर के ऋषि गालव इकाई के भाग संघचालक अशोक जैन सहित क्षेत्र प्रचारक बाबूलाल जी जयपुर प्रान्त प्रचारक मुख्य वक्ता के रूप में मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की तैयारी के लिए सात नगरों में नगरशः साप्ताहिक घोष केंद्रो पर अभ्यास की सक्रियता बनी। निरंतर चले इस अभ्यास क्रम में अनेकों नवीन घोष वादकों का निर्माण हुआ। सामूहिक अभ्यास की दृष्टि से भाग पर सभी नगरों का तीन बार सामूहिक अभ्यास रखा गया, जिसमें नवीन रचनाओं के वादन अभ्यास के साथ संचलन, समता एवं व्यूह निर्माण का अभ्यास भी स्वयंसेवकों ने किया। प्रकट कार्यक्रम में कुल 91 घोष वादक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।