इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस अम्बुज नाथ की अदालत में हुई। निशिकांत दुबे की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव, पार्थ जालान और शिवानी जालूका ने बहस की। यह मामला देवघर स्थित परित्राण मेडिकल ट्रस्ट की सम्पति बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट द्वारा खरीदे जाने से जुड़ा हुआ है। इसमें शिवदत्त शर्मा की ओर से निशिकांत दुबे के खिलाफ जालसाजी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई। इसे रद्द करने के लिए सांसद निशिकांत ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।