संस्कृति संरक्षण का संदेश लिए बंधी राखियां, पुलिस व समाजजनों को जोड़े रक्षा सूत्र

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रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर संस्कृत भारती उदयपुर के तत्वावधान में चल रहे संस्कृत सप्ताह के तहत शनिवार को संस्कृति रक्षार्थ रक्षा सूत्र कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

प्रातःकालीन वेला में जगदीश मंदिर प्रांगण में समाजजनों को रक्षा सूत्र बांधकर सांस्कृतिक एकता और परंपरा संरक्षण का संदेश दिया गया। इस दौरान वहां भ्रमण करने पहुंचे विदेशी पर्यटकों को भी रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन पर्व का महत्व बताया गया। रक्षा सूत्र केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि यह समाज, संस्कृति और राष्ट्र के संरक्षण की प्रतिज्ञा का प्रतीक भी है।

कार्यक्रम संयोजक श्रीयांश कंसारा व डॉ रेनू पालीवाल ने बताया कि भारतीय संस्कृति की मूल भावनाओं—सुरक्षा, स्नेह और भाईचारे—को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम किया गया।

मंदिर कार्यक्रम के पश्चात दल प्रतापनगर पुलिस थाने पहुंचा, जहां पुलिसकर्मियों की कलाई पर राखी बांधी गई और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। आयोजकों ने कहा कि पुलिस कर्मी समाज की सुरक्षा में दिन-रात तत्पर रहते हैं, ऐसे में राखी उनके साथ भावनात्मक संबंध और मजबूत करती है। थानाधिकारी राजेंद्र सिंह चारण ने आमजन को विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गई। उन्होंने कहा की संस्कृति हमारे देश और हमारी संस्कृति की आत्मा है, संस्कृत भाषा को व्यवहारिक भाषा बनाने तथा आधिकारिक महत्व देने की आवश्यकता है।