संविधान में संशाेधन के खिलाफ झामुमो ने किया प्रदर्शन

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झामुमो कार्यकर्ताओं ने इस दाैरान जमकर नारेबाजी की। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह विधेयक लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसका उद्देश्य विपक्ष की आवाज़ को दबाना है।

झामुमो के नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार सुधारों के नाम पर ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जो लोकतंत्र को कमजोर करने वाली हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी रचनात्मक सुधारों का समर्थन करती है, लेकिन ऐसे किसी भी कानून का पुरजोर विरोध किया जाएगा जो सत्ता का गलत इस्तेमाल करने का रास्ता खोलता है।

गौरतलब है कि इस विधेयक में यह प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री किसी आपराधिक मामले में जेल भेजे जाते हैं और 30 दिनों के भीतर उन्हें जमानत नहीं मिलती, तो उन्हें उनके पद से हटाया जा सकता है। विपक्षी दलों का कहना है कि इस कानून के जरिए सरकार अपने विरोधियों को निशाना बनाने का रास्ता तैयार कर रही है।

झामुमो सहित कई अन्य विपक्षी दलों ने इस बिल को “राजनीतिक साजिश” करार देते हुए इसे संसद से वापस लेने की मांग की है। आने वाले दिनों में इस पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की भी संभावना जताई जा रही है।