प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लिए कई ‘आह्वान’ किए। उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन और स्पेस स्टेशन की तैयारी भारत अपने दम पर कर रहा है। मेक इन इंडिया के तहत फाइटर जेट के लिए जेट इंजन देश में ही विकसित किया जाए। ऑपरेटिंग सिस्टम, साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी भारतीय हों, ताकि देश का धन बाहर न जाए। किसानों से आग्रह किया कि उर्वरकों का समुचित उपयोग करें और वैज्ञानिक उद्योगपति देश की आवश्यकता के अनुसार फर्टिलाइजर तैयार करने में सहयोग दें। ईवी बैटरी और सोलर पैनल भी देश में ही निर्मित किए जाने चाहिए।
प्रधानमंत्री ने भारत की हाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड काल में देश ने वैक्सीन और डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाकर अपनी क्षमता सिद्ध की है। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि छह सेमीकंडक्टर यूनिट को हरी झंडी दी गई है और इसी वर्ष भारत में बनी सेमीकंडक्टर चिप बाजार में उपलब्ध होगी। उन्होंने उत्पादन क्षेत्र में ‘दाम कम और दम ज्यादा’ की सोच से आगे बढ़ने और प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।