कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रमोद विज विधायक शहरी, पूर्व सांसद संजय भाटिया, ओ.पी. माटा प्रसिद्ध समाजसेवी, एस.पी. बंसल, शिक्षाविद एवं चांसलर गीता यूनिवर्सिटी पानीपत ने जोत प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि जो व्यक्ति दूसरे के सुख में संतोष का अनुभव करता है तथा दूसरे को दुख में देखकर अपने आप को दुखी महसूस करता है उन पर भगवान की कृपा दृष्टि सदैव बरसती है। जिस व्यक्ति को ईश्वर ने सामर्थ्य प्रदान किया है उसे चाहिए कि वह उसे समाज में लौटाए यही सनातनी संस्कृति की पहचान है। सामर्थ्य मिलना परमात्मा की कृपा है पर उसका सही उपयोग करना हर किसी के बस की बात नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि मिली हुई सम्पदा का सही प्रयोग मानसिक संतुष्टि भी देता है। जब हम सेवा करने जाते हैं तो वास्तव में उससे लाभ सेवा करने वाले को ही होता है। उन्होंने कहा कि सन 2020-21 में कोविड ने हमें बहुत कुछ सिखाया है, व्यक्ति को हमेशा जिज्ञासु बनकर रहना चाहिए। सेवा पर बल देते हुए महाराज जी ने कहा कि हमें अपने कमाई का अधिक से अधिक सदुपयोग करना चाहिए, अपनी सोच को उदार बनाना चाहिए। उन्होंने पानीपत के भामाशाहों की प्रशंसा कि जो बैंक में अपना पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।
तत्पश्चात अन्नपूर्णा वस्त्र एवं अनाज बैंक के संस्थापक सदस्यों एवं आजीवन सदस्यों माटा परिवार, रेवड़ी परिवार, दुरेजा परिवार, गुलाटी परिवार, नारंग परिवार, डा. रमेश चुघ, विभु पालीवाल, हरबन्स लाल अरोड़ा, वीरेन्द्र शाह, अशोक बांगा, नवीन भाटिया, चन्दन विज, बैंक में अपने सेवायें देने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। प्रधान रमेश माटा ने इस अवसर पर आई हुई सभी जनता का धन्यवाद किया महेन्द्र बठला, हिमांशु अरोड़ा, साहिल वशिष्ठ, किशन वधवा, दिनेश ढींगड़ा आदि उपस्थित थे।