उन्होंने कहा कि झारखंड की किसी भी सीमा से अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर नहीं जुड़ता। ऐसे में यदि कहीं घुसपैठ की बात सामने आती है तो इसकी जिम्मेदारी सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय और उससे जुड़ी एजेंसियों की है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि यदि उसके पास कोई प्रमाणित दस्तावेज है तो उसे राज्य सरकार को सौंपे, ताकि उस आधार पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की जा सके।
पांडेय ने कहा कि विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी आदिवासी–मूलवासी समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा की पूर्ववर्ती शासनकाल में ही झारखंड बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार की दलदल में धंसा। आज जब हेमंत सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधिकारों पर ठोस कार्य कर रही है। तब विपक्ष की जमीन खिसक रही और भाजपा पूरी तरह अफवाह फैलाने की राजनीति पर उतर आया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण चाहता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा कर रहा है। जनता विपक्ष की असलियत जान चुकी है और आने वाले समय में उसे करारा जवाब देगी। पांडेय ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से विपक्ष अपने पक्ष में मतदान कराने का षड्यंत्र कर रहा है, लेकिन जनता की अदालत में इसका माकूल फैसला आएगा।