प्रशिक्षण में बताया गया कि आधार यूसी (यूनिवर्सल क्लाइंट) जो कि एक आधार नामांकन और अद्यतन सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के अधिकृत ऑपरेटर द्वारा आधार से संबंधित सेवाओं जैसे नामांकन, पता परिवर्तन, बायोमेट्रिक अद्यतन आदि के लिए किया जाता है। यह सॉफ्टवेयर ऑपरेटरों को आधार क्लाइंट सॉफ़्टवेयर में उपयोगकर्ता की बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज करने और आधार मशीन को संचालित करने में सक्षम बनाता है।
प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि, आधार में गलत दस्तावेज़ देने पर ऑपरेटर पर 3 साल तक की जेल और 10 हजार से 1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नामांकन या अपडेट के दौरान जानबूझकर गलत सांख्यिकीय या बायोमेट्रिक जानकारी देना अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए सभी ऑपरेटर आधार संबंधी सभी नियमों का पालन करना सुनिश्चित करें कोई भी गलत जानकारी दर्ज न की जाए। ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
प्रशिक्षण में ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर देवेश्वर कश्यप, आधार डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर तपेश कुमार, सीएससी डिस्ट्रिक्ट मैनेजर निशांत सिन्हा और महिला एवं बाल विकास परियोजना प्रबंधक सूरज कुमार सहित पोस्टल बैंक, महिला एवं बाल विकास आधार ऑपरेटर, चिप्स एवं सीएससी आधार ऑपरेटर उपस्थित रहे।