वंदे भारत एक्सप्रेस का जोगबनी से संचालन न होकर पूर्णिया से संचालन किए जाने के निर्णय को लेकर नेपाल के विराटनगर में रेल यात्री सहजीकरण समिति की बैठक शनिवार को हुई। जिसकी अध्यक्षता समिति के प्रमुख सलाहकार महेश साह स्वर्णकार ने किया।
बैठक में समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय रेल यात्रा के लिए एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है लेकिन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को जोगबनी से न चलाकर पूर्णिया से संचालन किए जाने के कारण भारत नेपाल के हजारों रेल यात्री के उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया, जब बिहार के लिए घोषित रेल परियोजनाओं में पटना से सहरसा के रास्ते पूर्णिया तक के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाने की घोषणा की।
इस घोषणा से सीमांचल सहित नेपाल के यात्रियों की अनदेखी होने की बात कही।बैठक में जोगबनी से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन परिचालन की मांग को लेकर रेलमंत्री से पत्राचार करने का निर्णय लिया गया।
समिति के सचिव विकाश मंडल ने कहा कि यह ट्रेन पटना से खगड़िया ,सहरसा, मधेपुरा, बनमनखी के रास्ते पूर्णिया तक आएगी।पूर्णिया से जोगबनी की दूरी महज 80 किलोमीटर है, यदि इस ट्रेन का विस्तार जोगबनी तक किया जाता है तो पूरे अररिया जिला ही नहीं सीमावर्ती नेपाल के हजारों रेल यात्री लाभान्वित होंगे और ट्रेन की उपयोगिता भी शत प्रतिशत होने की गारंटी रहेगी।
समिति की सदस्य विनीता सिंह ने कहा कि भारत सरकार के रेल मंत्रालय पर पूरा दबाव बनाने के लिए सीमा पर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाना चाहिए, जिसे रेल मंत्री भारत सरकार को भेजा जाएगा।जोगबनी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के अभाव को लेकर भी रेल मंत्री को अवगत कराने की सहमति बनी।
बैठक में समिति के सचिव विकाश मंडल,संतोष साह,मीना विश्वास, किरण राय,राजू भगत सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे ।