उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक एनसीएच के बाद यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र का स्थान रहा, जहां 31 लाख रुपये का रिफंड हुआ। एनसीएच में कॉल की संख्या दस गुना से ज्यादा बढ़ गई है, जो दिसंबर 2015 में 12,553 से बढ़कर दिसंबर 2024 में 1,55,138 हो गई है। इसी प्रकार औसत मासिक शिकायत पंजीकरण 2017 में 37,062 से बढ़कर 2024 में 1,11,951 हो गए हैं। इसके अलावा डिजिटल माध्यमों को अपनाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में भी तेज़ी आई है और वॉट्सऐप के जरिए शिकायत पंजीकरण मार्च 2023 में 3 फीसदी से बढ़कर मार्च 2025 में 20 फीसदी हो गया है।
एनसीएच उपभोक्ताओं, सरकारी एजेंसियों, निजी क्षेत्र की कंपनियों और नियामक निकायों को एक साथ लाने वाले एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करता है। हेल्पलाइन के तकनीकी परिवर्तन ने इसकी पहुंच और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि की है।