मप्रः राज्य सरकार का हुआ धार का ऐतिहासिक इमामबाड़ा, ताजिया कमेटी के कब्जे से कराया मुक्त

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दरअसल, इमामबाड़ा को ताजिया कमेटी अपना बताती रही है, जबकि सांस्कृतिक धरोहर रक्षा समिति इसे मुक्त कराने के लिए लड़ाई लड़ती रही। लोक निर्माण विभाग ने इमामबाड़े को विभाग का भवन बताते हुए ताजिया कमेटी को नोटिस जारी किया था। इसके बाद ताजिया कमेटी ने इस भवन पर आजादी के बाद से ही अपना कब्जा बताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इसी साल 22 अप्रैल को हाई कोर्ट ने ताजिया कमेटी की याचिका खारिज करते हुए एसडीएम कोर्ट को आगामी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

एसडीएम कोर्ट द्वारा 14 जुलाई को ताजिया कमेटी से कब्जा हटाने का आदेश जारी किया था। कोर्ट ने ताजिया कमेटी के सदर अनवर खान एवं मोहम्मद सिद्दीकी सहित संबंधित व्यक्तियों से दो सप्ताह के भीतर उक्त परिसर को खाली करने के लिए कहा गया था। इसी क्रम में प्रशासन ने कब्जा हटाया।

अपर कलेक्टर संजीव केशव पांडे ने बताया कि यह पीडब्ल्यूडी का भवन था। हाई कोर्ट के आदेश अनुसार एसडीएम कोर्ट ने सुनवाई करके मप्र लोक परिसर बेदखली अधिनियम के अंतर्गत आदेश पारित किया था। इसी के तहत पीडब्ल्यूडी को भवन का कब्जा दिलवाया गया है।