बीकई प्रधान लखविंद्र सिंह ने बताया कि उपयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें भारी बरसात से हुए जल भराव, फसलों की खराबे की स्पेशल गिरदावरी करवा कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, किसानों को समय पर यूरिया व डीएपी खाद की उपलब्धता, नकली खाद, बीज, बायोफर्टिलाइजर पर नकेल कसने के लिए तत्काल प्रभाव से संशोधन किया गया एक्ट लागू किया जाए, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार किया जाए, किसानों का बैंक खातों से जबरन बीमा प्रीमियम काटना बंद किया जाए, बकाया बीमा क्लेम जारी किया जाए, नहरों में दो सप्ताह पानी की सप्लाई और एक सप्ताह बंदी वाला पुराना शेड्यूल बहाल किया जाए, सभी टेलों तक पानी पहुंचाया जाए, किसानों को पोर्टल प्रथा से आजाद किया जाए क्योंकि शातिर व अपराधिक प्रवृत्ति के लोग मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों की फसल का पंजीकरण राजस्व विभाग से मिलकर धोखे से अपने नाम करवा लेते हैं।
धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू की जाए, बासमती धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारण करके सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए, परमल धान पर नमी के नाम पर अनावश्यक लगने वाला काट बंद की जाए, अनाज मंडियों में फसल की तुलाई पारदर्शिता से हो, मंडियों के बाहर फसलों के तुलाई, सुखाई, उतराई, झराई संबंधित सभी खर्चों का विवरण फ्लेक्स बोर्ड लगाकर प्रदर्शित किया जाए, नए ट्यूबल कनेक्शन पर काडा रिपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त की जाए, 2025 बिजली शोध बिल को रद्द किया जाए। इस मौके पर पगड़ी संभाल जटा से मनदीप सिंह नथवान, बीकेई महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली, मंगत राम हरियाणा प्रधान, रणजीत सिंह, मुकेश चाहरवाला, गुरपिंदर काहलों, गुरजीत मान, सुभाष झोरड़, नत्था सिंह, गुरप्रीत संधू, सुनील नैन, हंसराज पचार, गुरलाल सिंह भंगू, महावीर गोदारा, पूर्व सरपंच नछत्तर सिंह, गुरमीत सिंह गिल, हनुमान न्योल, मान सिंह, निर्मल सिंह थिराज सहित सैकड़ों किसानों, मजदूरों ने शिरकत की।