मप्र में मानसून : 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Share

भोपाल, 30 अगस्त । मध्य प्रदेश में मानसून इस समय पूरी रफ्तार में है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार झमाझम बारिश हो रही है, इसी तारतम्‍य में मौसम विभाग ने इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 19 में से 12 जिलों में शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अगले 24 घंटों के भीतर ढाई से साढ़े चार इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, 31 अगस्त को 24 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटे कई जिलों के लिए चुनौती भरे साबित हो सकते हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में इस सीजन अब तक 36.5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्यतः मध्य प्रदेश की औसत बारिश 37 इंच मानी जाती है। ऐसे में आधा इंच पानी गिरते ही इस बार का कोटा भी पूरा हो जाएगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में इस साल अब तक 98 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। पिछले वर्ष के मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच पानी गिरा था।

दक्षिणी हिस्से में मेहरबानी

मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने से दक्षिणी हिस्सों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ से लगे जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है। भोपाल में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहने के आसार हैं, जबकि नर्मदापुरम, बैतूल और आसपास के क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

उधर, मौसम विभाग के देवेश सिंह के अनुसार झाबुआ, अलीराजपुर, धार, राजगढ़, उज्जैन, आगर, इंदौर, खरगोन, बड़वानी, बैतूल, सागर, पन्ना, दमोह, विदिशा, रायसेन और रतलाम में बिजली-बारिश के साथ मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना है, साथ ही शाजापुर में बिजली-बारिश के साथ हल्की आंधी आने की संभावना है। विभाग के अनुसार इस समय प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक अन्य ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। ट्रफ लाइन शिवपुरी और दमोह होते हुए गुजर रही है और छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्से में निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इससे प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में लगातार झमाझम बारिश हो रही है।यही कारण है कि शुक्रवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई और शनिवार को भी यही सिस्टम सक्रिय है।

उल्‍लेखनीय है कि शुक्रवार को इंदौर और सिवनी में आधा इंच पानी दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, इटारसी-पिपरिया, धार के पीथमपुर, बैतूल और टीकमगढ़ में भी अच्छी बारिश हुई। लगातार हो रही इस बरसात ने खेत-खलिहानों से लेकर नदी-नालों तक को लबालब कर दिया है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो इस सीजन में गुना जिले ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। यहां औसत 54.5 इंच पानी गिर चुका है। इसके बाद मंडला 53.8 इंच बारिश के साथ दूसरे स्थान पर है। अशोकनगर में 50.9 इंच, शिवपुरी में 50.7 इंच और श्योपुर में 50.3 इंच बारिश दर्ज की गई है।

इसके विपरीत, सबसे कम बारिश वाले जिले इंदौर संभाग में ही हैं। इंदौर में अब तक मात्र 18.7 इंच बारिश हुई है। वहीं, बुरहानपुर में 22.7 इंच, खरगोन में 19.8 इंच, खंडवा में 21.5 इंच और बड़वानी में 21.4 इंच पानी गिरा है। यानी इंदौर संभाग का इलाका अभी भी बारिश की कमी झेल रहा है।

मानसून की आमद से अब तक

प्रदेश में 16 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। उसके बाद से अब तक 36.5 इंच औसत बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक 30 इंच बारिश होना अपेक्षित था। यानी प्रदेश को 6.5 इंच अतिरिक्त बारिश मिल चुकी है। आधा इंच पानी और गिरते ही इस साल का कोटा भी फुल हो जाएगा। पिछले साल यह आंकड़ा 44 इंच से ऊपर पहुंचा था।