बेतिया, 23 अगस्त । बिहार के बेतिया शहर स्थि सरस्वती विद्या मंदिर, बरवत सेना के सभागार में लोक शिक्षा समिति, बिहार द्वारा आयोजित विभाग-स्तरीय सप्तशक्ति संगम कार्यशाला 2025 का सफल आयोजन किया गया । इस मौके पर विभाग प्रचारक नीतिश जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाओं में सात शक्तियां निहित है। उनकी शक्ति का आकलन करना पुरूष के वश में नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रलय से लेकर पालन तक की शक्तियां उनमें विद्यमान है। अतीत में गार्गी, अहिल्याबाई, लक्ष्मीबाई आदि की शक्तियां के बारे में दुनिया जानती है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना होगा जिससे समाज में महिलाएं जो अपनी शक्तियां खो चुकी है उसे पुनः प्राप्त कर सके। जब तक आचार्यों ने आचरण में धर्म को जिया है तब तक उन्नति हुई है। भारत का मूल मंत्र है दया और करूणा, हमारी सांस्कृतिक पहचान विश्व के सभी देशों में देखने को मिलता है। पंच प्रण में महिलाओं की भूमिका का विस्तार से चर्चा किया।
मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता पूर्णिमा बाला श्रीवास्तव ने कहा कि नारी शकि स्वरूपा है। सर्वप्रथम कीर्ति है, वह मातृरूपा है। दूसरी श्री अर्थात् लक्ष्मीस्वरूपा है। तीसरी वान शक्ति है। क्रमशः सातों शक्तियों का बहुत ही सुन्दर ढंग से विस्तार से चर्चाकर कार्यशाला की सार्थकता को रेखांकित किया और प्रकृति और मानव को एक दूसरे को रेखांकित किया है और प्रकृति व मानव को एक दूसरे का पूरक बताया। अध्यक्षीय उद्बोधन में वर्मा प्रसाद ने कहा की हमें पर्यावरण की रक्षा हेतु इस अवसर पर पेड़ लगाने का प्रण लेना चाहिए। हमारे देश के प्रत्येक नारी का सम्मान एवं आदर मिलना चाहिए जिसके वे हकदार है।
धन्यवाद ज्ञापन प्रियंका प्रीति प्रधानाचार्य, स.वि.मंदिर, अरेराज ने प्रस्तुत किया और आगत अतिथियों, चम्पारण विभाग से आये सभी प्रधानाचार्यों, आचार्यों एवं महिला आचार्यों का अवसर प्रकट किया। इस कार्यक्रम में बहन कनक सिंह, झांसी की रानी बनकर सबको प्रेरित किया बहन नेत्रा मिश्रा, सीता बनकर सबका दिल जीत लिया।