राजेश बादल ने गजल सम्राट जगजीत सिंह की उदारता और साहित्यकार वृंदावनलाल वर्मा, मैथिलीशरण गुप्त व साहिर लुधियानवी से जुड़े प्रसंग साझा किए। वहीं शशि केसवानी ने भोपाल गैस त्रासदी पर लिखी जा रही अपनी पुस्तक से जुड़े अनुभव बताए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को प्रेरणा देते हैं और आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहेंगे। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने भोपाल से आए वरिष्ठ साहित्यकारों को स्मृति चिन्ह के रूप में किताबें भेंट कर इस पर को स्मरणीय बनाया।
संवाद का संचालन ओब्जर्वर के संपादक शशि केसवानी ने अपनी शेर-ओ-शायरी से सजाई अनूठी शैली में किया। इस अवसर पर कवि सुधीर सक्सेना ने कविता और प्रेम के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “अच्छी किताबों को हमें अपना सच्चा दोस्त बनाना चाहिए।” उन्होंने अपनी एक कविता का पाठ भी किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी व नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर साहित्यकार, साहित्य प्रेमी तथा संयुक्त कलेक्टर शशि मिश्रा, डीपीसी आर. पी. लखेर, सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।