इंदौर, 29 अगस्त । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कान्ह एवं सरस्वती नदी शुद्धिकरण कार्य की समीक्षा बैठक शुक्रवार शाम को एआईसीटीएसएल कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने की। बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, कार्यपालन यंत्री विवेश जैन, सहायक यंत्री, उपयंत्री सहित कंसल्टेंट टीम के सदस्य उपस्थित थे।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नमामि गंगे परियोजना (फेस-1) के तहत निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने नमामि गंगे फेस-2 के लिए भेजी गई डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) की स्थिति की समीक्षा की। महापौर ने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य कान्ह एवं सरस्वती नदी को पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाना है, जिससे आगे चलकर शिप्रा नदी में इन नदियों के जल से प्रदूषण न हो और नदियाँ पुनः अपनी प्राकृतिक स्वच्छता प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही आगामी सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए भी आवश्यक दिशा में दिए गए।
बैठक के दौरान महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा समाप्ति के पश्चात क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइनों की मरम्मत कार्य को प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए, ताकि नदी शुद्धिकरण अभियान में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया ने बैठक में जानकारी दी कि बीते डेढ़ माह से कंसल्टेंट टीम द्वारा नदियों के जल दूषित होने का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया है। साथ ही कुछ सीवरेज लाइनें ओवरफ्लो एवं वर्षा जल के दबाव से क्षतिग्रस्त हो गई हैं इनको शीघ्र मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। इन समस्याओं के समाधान हेतु अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं सीवरेज नेटवर्क स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।