झारखंड को नए रिम्स की नहीं, नए स्वास्थ्य मंत्री की जरूरत : अजय साह

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उन्होंने कहा कि रिम्स ट्रॉमा सेंटर के लिए अत्याधुनिक आईसीयू बेड की फाइल को मंत्री ने 150 दिनों तक लंबित रखा, बच्चों के इलाज में आवश्यक चिल्ड्रेन सीपीआर मेकैनिक एडवांस उपकरण की फाइल 60 दिन बाद वापस की गई, नियोनेटल वेंटिलेटर की फाइल 43 दिनों तक रोकी गई और यहां तक कि एमजीएम अस्पताल में आग लगने के बाद भी रिम्स के फायर फाइटिंग सिस्टम से जुड़ी फाइल को 50 दिनों तक आगे नहीं बढ़ाया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का अधिकतर समय सोशल मीडिया रील बनाने और अन्य विभागों के मामलों में हस्तक्षेप करने में बीतता है, जबकि अपने विभाग के कामों पर ध्यान नहीं देते। पार्टी ने दावा किया कि फाइलों को रोकना व्यस्तता नहीं बल्कि कथित कमीशन के खेल का हिस्सा है और मंजूरी तभी दी जाती है, जब मंत्री के पसंदीदा वेंडर का चयन हो।