झांसी :  जेल की बंदी महिलाओं ने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल सैनिकों को भेजी हाथ से बनी राखियां

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महिला कैदियों द्वारा बनाई गई ये अनोखी राखियों से कैदियों और ऑपरेशन सिंदूर में शामिल सैनिकों के बीच भावनात्मक संबंध मजबूत होगा। साथ ही महिला कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़े रखेगा। महिला कैदियों ने जिला जेल में बंद उन पुरुष कैदियों के लिए भी राखियाँ बनाई है जिनकी बहनें उन्हें रक्षा सूत्र बांधने के लिए या तो आ नहीं पा रही है या जिन कैदियों की कोई बहने नहीं हैं। साथ ही ये राखियां उन बहनों को भी निशुल्क प्रदान की जाएंगी जो शनिवार रक्षाबंधन पर्व पर जेल में निरुद्ध अपने भाईयों को रक्षा सूत्र बांधने आएंगी। इस कार्य में पुरुष बंदियों ने भी उनका सहयोग किया है।

रक्षा सूत्र बनाने वाले बंदी

रक्षा सूत्र बनाने वाली महिला बंदी व पुरुष बंदियों में कु० भावना, निशा,कु० खुशबूनाज,कु० महक,कु० खुशनुमा, कल्पना,कु० संगीता, आंकाक्षा, बब्ली पाण्डेय, प्रेमकुमारी,संजू उर्फ संजीव,कमलेश समाधिया,ओमप्रकाश ,कौशल आदि 14 लोग शामिल हैं।

इनका है कहना

इस संबंध में जिला कारागार अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि जेल में निरुद्ध महिला बंदी पुरुष बंदियों के सहयोग से बहन-भाई के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन के लिए राखियां तैयार कर रहे हैं। साथ ही महिला कैदी देश के उन जाबांज सिपाहियों के लिए रक्षा सूत्र भेज रही हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देकर देश द्रोहियों को सबक सिखाया। इसके साथ ही शनिवार को जिला कारागार में निरुद्ध भाइयों को रक्षा सूत्र बांधने आने वाली बहनों को भी जेल प्रशासन रक्षा सूत्र निशुल्क उपलब्ध कराएगा।