बजरंग दल के जिला मंत्री जिवेन्द्र तोमर ने बताया कि 15 अगस्त को क्षेत्र में 2-3 व्यक्ति एक ऐसा ध्वज लेकर घूम रहे थे, जिस पर अशोक चक्र की जगह उर्दू/अरबी भाषा में ‘कलमा’ अंकित था। जिसका हिन्दी अनुवाद है- “अल्लाह के सिवा कोई पूजनीय नहीं है”। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस प्रकार का ध्वज लहराना भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के संकेत जैसा है। यह भड़काने वाली करवाई है, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और लोगों में आक्रोश फैल सकताहै।
थानाध्यक्ष पथरी मनोज नौटियाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर आजम व अज्ञात के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज अपमान निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।