एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारत को पहला स्वर्ण, पलवल के कपिल बैंसला ने रचा इतिहास

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कपिल बैंसला एक साधारण किसान परिवार से हैं। उनके पिता सुभाष बैंसला खेती करते हैं और माता ओमवती गृहिणी हैं। तीन भाइयों में सबसे बड़े कपिल ने खेलों को ही अपना करियर बनाया। छोटे भाई सचिन यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सबसे छोटा भाई कुलदीप 12वीं कक्षा का छात्र है।

कपिल की ऐतिहासिक जीत से उनके गांव में जश्न का माहौल है। 21 अगस्त को कपिल के घर पहुंचने पर गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत और विजयी यात्रा का आयोजन किया जाएगा। कपिल के चाचा वेदपाल बैंसला ने कहा कि यह जीत केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कपिल को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवा खेलों में नई ऊंचाइयां छू रहे हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

कपिल के दादा श्यामबीर बैंसला ने याद करते हुए बताया कि बचपन में कपिल ईंट-पत्थरों से निशाने लगाया करता था। उस समय घर वाले उसे डांटते थे, लेकिन आज वही शौक उसके करियर का रास्ता बन गया और देश को स्वर्ण पदक दिलाया। कपिल का सपना है कि वर्ष 2028 के ओलिंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करें और पदक जीतकर देश का नाम रोशन करें। वर्तमान में वे इसी की तैयारी में जुटे हुए हैं।

कपिल की इस जीत ने न सिर्फ पलवल जिले बल्कि पूरे देश को गर्व से भर दिया है। ग्रामीणों को विश्वास है कि आने वाले समय में कपिल ओलिंपिक में भी स्वर्ण जीतकर तिरंगे को ऊंचा फहराएंगे। बैंसला समाज के बडे नेता सतबीर सिंह पेटल ने कहा कि कपिल बैंसला ने पलवल जिले का डंका विश्व में बजाया है। बैंसलात सहित पूरे भारत में खुशी की लहर दौड़ रही हैं। गुरूवार को कपिल बैंसला पलवल आ रहे हैं, उनका पलवल में जोरदार स्वगात किया जायेगा।