इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का यह गौरवमयी दिन उन वीर सपूतों को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर हमें आज़ादी दिलवाई। उन्होंने कहा कि देश का पहला परमवीर चक्र, प्रदेश के वीर सपूत मेजर सोमनाथ शर्मा को प्राप्त हुआ था। यह गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश के वीर सपूतों को देश सेवा के लिए 4 परमवीर चक्र, 2 अशोक चक्र, 10 महावीर चक्र और 24 कीर्ति चक्रों से नवाज़ा गया है।
उन्होंने कहा कि आजादी से आज तक हमने एक लंबा सफर तय किया है। हिमाचल प्रदेश जब अस्तित्व में आया, उस समय गरीबी और साधनों की कमी जैसी कई चुनौतियां थीं। लेकिन हिमाचल के मेहनती और ईमानदार लोग बुलंद हौसलों के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ते रहे है। हमारे लिए यह गौरव की बात है कि हिमाचल आज दूसरे पहाड़ी राज्यों के लिए विकास का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।
न्होंने युवाओं से आहवाहन किया कि वह प्रदेश को विकास की दृष्ट्रि से पहली पकि्ंत में लाने के प्रयायों में अपना अहम योगदान दें।