बैठक में विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक उन्मूलन, सीवरेज प्रबंधन, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट, प्रदूषण एवं अवैध खनन प्रबन्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उपस्थित अधिकारियों से उन्होंने कहा कि जनपद हरिद्वार धर्म नगरी है, यहां पर कुंभ, कांवड़ मेला एवं विशेष धार्मिक पर्व आयोजित होते रहते है इसके लिए जरूरी है की मां गंगा को पवित्र एवं स्वच्छ रखने के लिए विशेष प्रबंधन एवं कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कूड़ा निस्तारण एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान के प्रबंधन के लिए बेहतर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन न हो इसके लिए विशेष निगरानी रखने को कहा।उन्होंने कहाऔद्योगिक इकाईयों से निकलने वाली ठोस अपशिष्ट एवं प्रदूषण पर विशेष निगरानी रखते हुए सभी इकाईयों से नियमों का अनुपालन कराया जाए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एनजीटी के विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद को आश्वस्त किया कि बैठक में उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश एवं सुझाव दिए गए हैं उन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनाश्चित कराई जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार, डीएफओ स्वप्निल, एचआरडीए सचिव मनीष सिंह, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के आरओ राजेंद्र सिंह कठैत, रमनकांत त्यागी , नगर स्वास्थ्य अधिकारी गंभीर तालियांन आदि मौजूद रहे।