इस अवसर पर सभी जिलावासियों को बधाई देते हुए विनय कुमार ने कहा कि यह दिवस उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करने का दिन है, जिनके त्याग और बलिदान के कारण हमने आजादी हासिल की थी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद विभिन्न युद्धों एवं सैन्य ऑपरेशनों के दौरान हिमाचल प्रदेश के वीर सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद हिमाचल प्रदेश के समक्ष गरीबी और साधनों की कमी जैसी कई चुनौतियां थीं। लेकिन हिमाचल के मेहनती और ईमानदार लोग बुलंद हौसलों के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ते रहे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में हिमाचल ने गम्भीर प्राकृतिक आपदा का सामना किया। इससे उबरने के लिए प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से आपदा राहत पैकेज वितरित किया। इस वर्ष भी प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों के राहत एवं पुनर्वास के लिए विशेष राहत पैकेज का प्रावधान किया है, जिसमें राहत राशि को 25 गुणा तक बढ़ाया गया है।
विनय कुमार ने कहा कि ढाई वर्षों के दौरान जिला हमीरपुर में लगभग डेढ़ दशक से लटके बस अड्डे का कार्य आरंभ करवाया गया है, जिस पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हमीरपुर शहर को नगर निगम का दर्जा दिया गया है। नादौन में ई-बस डिपो के निर्माण के लिए भी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। बाबा बालक नाथ मंदिर और इसके आसपास के क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए 65 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की गई है। हमीरपुर के निकट जसकोट, नादौन के कोहला, सुजानपुर के दाड़ला और बड़सर के बुंबलू में 3 हैलीपैड और एक हैलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है।
विधानसभा उपाध्यक्ष ने समारोह में उपस्थित स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों, आपदा के दौरान बचाव कार्यों में सराहनीय भूमिका निभाने वाले होमगार्ड्स एवं अग्निशमन कर्मचारियों राकेश कुमार, रमेश चंद, मनोज कुमार और अजीत सिंह ताइक्वाडों की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी आकांक्षा को सम्मानित किया।