प्रतिमा स्थापना के बाद विधिवत पूजा-अर्चना, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बंदियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्री गणेश की महिमा का गुणगान किया। कार्यक्रम में जेल अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बंदियों में आत्मविश्वास जगाते हैं और उन्हें सकारात्मक सोच तथा आध्यात्मिक जागरूकता प्रदान करते हैं। ऐसे अवसर जीवन में नई दिशा देने और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत करने में सहायक होते हैं।
गणेश उत्सव के दौरान बंदियों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। मिट्टी की प्रतिमा का विसर्जन जेल परिसर में बने कुंड में ही किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचे।