किसान अपनी मर्जी से अपनी फसल का बीमा करा सकते है। जो किसान केसीसी से फल के लिए ऋण लेते है उनकी फसल का बीमा अनिवार्य रूप से किया जाता है। जिले में होने वाले फसल बीमा का करीब 70 प्रतिशत बीमा ऋणी किसानों का होता है। लोन लेने पर बीमा अनिवार्य करने का कारण यह है कि नुकसान होने पर लोन की रकम बीमा कंपनी से वसूल की जा सके।