लोकतंत्र के लिए ख़तरा है फेक पत्रकारिता, अंकुश जरूरी: विजयदत्त श्रीधर

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हरिद्वार, 11 आगस्त(हि. स.)। पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि फेक न्यूज लोकतंत्र के लिए भारी खतरा है। कानूनी तरीके से इसे रोकना संभव नहीं है। इसके लिए वरिष्ठ पत्रकारों को भावी पीढ़ी को संस्कार व शिक्षा देनी होगी। फेक न्यूज की शुरुआत महाभारत काल से हुई थी, जब द्रोणाचार्य को युद्ध से अलग करने के लिए धर्मराज युधिष्ठिर से झूठ बुलवाया गया था।

पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर यहां हरिद्वार प्रेस क्लब में साेमवार काे आयाेजित हिंदी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह काे संबाेधित कर रहे थे। नवजागरण युगीन पत्रकारिता विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में माधवराव सप्रे संग्रहालय भोपाल के संस्थापक पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि पूरे भारतवर्ष में हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में व्याख्यान माला आयोजित करने वाला प्रेस क्लब हरिद्वार पहला संगठन है। सभी को प्रेस क्लब हरिद्वार से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में दो प्रकार के शास्वत सत्य है। पहला नारद संचालक, जो लोक-मंगल की कामना से सूचनाओं का संप्रेषण करते हैं और दूसरा पौराणिक आख्यान महाभारत से है, जहां नेत्रहीन धृतराष्ट्र को संजय कुरूक्षेत्र का हाल सुनाते हैं।

विजयदत्त श्रीधर ने कहा फेंक न्यूज की शुरुआत महाभारत काल से हुई थी, जब द्रोणाचार्य को युद्ध से अलग करने के लिए धर्मराज युधिष्ठिर से झूठ बुलवाया गया था। उन्होंने कहा फेक न्यूज लोकतंत्र के लिए भारी खतरा है। कानूनी तरीके से इसे रोकना संभव नहीं है। इसके लिए वरिष्ठ पत्रकारों को भावी पीढ़ी को संस्कार व शिक्षा देनी होगी।

व्याख्यान माला के प्रथम चरण के कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूलमंत्र सत्यमेव जयते है। पत्रकारों को सदैव इस मूल मंत्र को ध्यान रखते हुए कार्य संपादन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब हरिद्वार अपने आप में विशिष्ट है, क्योंकि यहां सदैव नया करने का प्रयास रहता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एनयूजे, आई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा कि समय के पत्रकारिता के स्तर में भारी बदलाव आया है। वर्तमान में पत्रकारों की आजादी पर अंकुश लगा है। एक समय था जब पत्रकारिता ने अंग्रेजों को उखाड़ने का मंत्र दिया था। आज की पत्रकारिता पूंजीपति, उद्योगपति और सरकार के हाथ में सिमट कर रह गई है।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक सुनील दत्त पांडे ने कहा कि हिंदी द्विशताब्दी समारोह में पूरे वर्ष में पांच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संयोजक गुलशन नैयर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने आजादी से पूर्व एवं इसके बाद नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया, जबकि महासचिव दीपक मिश्रा ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिवा अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश चंद शास्त्री, गुरुकुल कांगड़ी विश्विद्यालय के पत्रकारिता प्रभारी डॉ. अजीत तोमर, आदेश त्यागी, संजय आर्य, कोषसचिव काशीराम सैनी, संजय आर्य, संजय रावल, श्रवण कुमार झा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व अध्यक्ष संदीप गोयल, लव शर्मा, आशु चौधरी, तरूण नैय्यर, पं अधीर कौशिक, पं पवन कृष्ण शास्त्री, विभाष मिश्रा, अमन गर्ग, मुरली मनोहर, सोम त्यागी, हिमांशु द्विवेदी, गोपाल कृष्ण पटुवर, डॉ सुनील जोशी, जगदीश लाल पाहवा, डॉ विशाल गर्ग सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।